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झारखंड के गिरोह से जुड़े दो और धुरंधर गिरफ्तार
कोलकाता। महानगर की साइबर क्राइम शाखा ने करोड़ों रुपये की जालसाजी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है। सर्वे पार्क थाने में दर्ज ठगी के एक मामले की जांच करते हुए पुलिस ने मंगलवार को एंटली थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 8 लाख रुपये नकद, एक लग्जरी टाटा हैरियर कार, कीमती घडिय़ां और भारी मात्रा में सोने के जेवर बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के तार झारखंड के जामताड़ा आधारित साइबर अपराधियों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिलदार अंसारी (33) और अनिश सरकार (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दिलदार अंसारी कोलकाता के देही एंटली रोड स्थित एक फ्लैट में छिपकर रह रहा था, जबकि वह मूल रूप से झारखंड के मार्गो मुंडा का निवासी है। वहीं अनिश सरकार सोदपुर के क्लब रोड का रहने वाला है। इससे पहले सोमवार रात और मंगलवार तड़के सोदपुर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर पुलिस ने इस गिरोह के चार अन्य सदस्य अरिंदम दास, सौविक बेपारी, सायन राजबंशी और अर्पण दास को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर एक व्यक्ति के मोबाइल में मैलिशियस एपीके फाइल इंस्टॉल कर उसके खाते से 19.51 लाख रुपये उड़ाने का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। अनिश सरकार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाता था और उनके क्रेडेंशियल व लिंक किए गए सिम कार्ड दिलदार अंसारी को सौंप देता था। इसके बदले उसे मोटी कमीशन मिलती थी। दिलदार अंसारी इन खातों को झारखंड के मुख्य साइबर गिरोहों के लिए संचालित करता था। ठगी गई राशि को कभी एटीएम से नकद निकाला जाता था, तो कभी उसी पैसे से सोना और अन्य कीमती सामान खरीदकर उसे क्लीन किया जाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, चार चेक बुक, राडो और गेस जैसी ब्रांडेड घडिय़ां और सोने की चेन व झुमके जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए सोने के आभूषण और टाटा हैरियर कार ठगी की रकम से ही खरीदी गई थी। साइबर सेल अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में कोलकाता और आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी कर रही है। मंगलवार को सभी गिरफ्तार आरोपियों को अलीपुर की एसीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया है।